Viksit Uttar Pradesh 2047 Campaign Receives 14 Lakh Public Suggestions | Youth and Rural Participation Highest
TheDayspring.in |
30 Oct 2025 |
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उत्तर प्रदेश में विकास की नई दिशा तय करने वाला “विकसित उत्तर प्रदेश 2047 अभियान” अब राज्य की जनभागीदारी का प्रतीक बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत अब तक पूरे प्रदेश से 14 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें सबसे ज़्यादा भागीदारी युवाओं और ग्रामीण नागरिकों की रही है। यह इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश के लोग 2047 तक अपने राज्य को एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध प्रदेश बनाने के लिए गंभीरता से योगदान देना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अभियान की शुरुआत “विकसित भारत 2047” के विज़न के साथ तालमेल में की थी, ताकि उत्तर प्रदेश को भारत के सबसे प्रगतिशील राज्यों की श्रेणी में लाया जा सके। इस योजना का उद्देश्य है — राज्य की अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में व्यापक सुधार करना।
अभियान के तहत राज्य सरकार ने नागरिकों से डिजिटल और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सुझाव मांगे हैं। जिलों में आयोजित विकास संवाद कार्यक्रमों, पंचायत बैठकों, और कॉलेज परिसरों में विशेष शिविरों के माध्यम से लोगों को अपने विचार साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। इन सुझावों का विश्लेषण नीति आयोग की सहायता से किया जाएगा, ताकि राज्य की “विकसित उत्तर प्रदेश 2047” ब्लूप्रिंट रिपोर्ट तैयार की जा सके।
14 लाख सुझावों में से बड़ी संख्या में आइडिया शिक्षा और रोजगार से जुड़े हैं। युवाओं ने सबसे अधिक ज़ोर स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी ट्रेनिंग, और रोजगार सृजन पर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों से मिले सुझावों में सिंचाई, सड़क संपर्क, बिजली, जल संरक्षण और कृषि सुधार प्रमुख विषय रहे। महिलाओं ने भी अभियान में सक्रिय भागीदारी दिखाई, जहाँ उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा, और आत्मनिर्भर समूहों के विस्तार से जुड़ी सिफारिशें दीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता ही राज्य की असली शक्ति है, और जब जनता खुद विकास का एजेंडा तय करती है, तो प्रगति की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत स्वतंत्रता की शताब्दी मनाएगा, और उस समय तक उत्तर प्रदेश को “न्यू इंडिया” का सबसे अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है।
सरकार ने इस अभियान के लिए विशेष पोर्टल और मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है, जहाँ कोई भी नागरिक अपनी राय और सुझाव दर्ज कर सकता है। इसके अलावा, जिला स्तर पर विकास मंथन समितियाँ गठित की गई हैं जो स्थानीय स्तर पर प्राप्त सुझावों को संकलित कर राज्य मुख्यालय को भेज रही हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्राप्त सुझावों में लगभग 42% सुझाव ग्रामीण युवाओं से, 28% छात्र वर्ग से, 17% महिलाओं से और 13% उद्योग/व्यवसाय से जुड़े लोगों से आए हैं। इससे साफ है कि यह अभियान केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनसहभागिता का सबसे बड़ा मॉडल बन चुका है।
इस योजना के तहत 10 प्रमुख क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं जिन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है —
◉ शिक्षा और कौशल विकास
◉ कृषि और ग्रामीण समृद्धि
◉ स्वास्थ्य और पोषण
◉ औद्योगिक विकास
◉ महिला और बाल सशक्तिकरण
◉ ऊर्जा और पर्यावरण
◉ परिवहन और अवसंरचना
◉ डिजिटल गवर्नेंस
◉ सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन
◉ सामाजिक न्याय और समावेश
सरकार ने कहा है कि सभी जिलों से प्राप्त सुझावों को विषयवार वर्गीकृत किया जा रहा है और दिसंबर 2025 तक “विकसित उत्तर प्रदेश 2047 प्रारूप रिपोर्ट” सार्वजनिक की जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर अगले 20 वर्षों की विकास रोडमैप तैयार होगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” मंत्र पर चलते हुए उत्तर प्रदेश अगले दो दशकों में भारत की आर्थिक राजधानी बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि राज्य पहले ही देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, और अब लक्ष्य 2027 तक $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनना है।
अभियान की सफलता का श्रेय मुख्य रूप से गांवों, स्कूलों, विश्वविद्यालयों और स्वयंसेवी संगठनों को दिया जा रहा है जिन्होंने घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया और उन्हें यह समझाया कि उनकी राय भी विकास का आधार बन सकती है।
कई जिलों में तो “विकसित ग्राम पंचायत” मॉडल की शुरुआत भी हो चुकी है, जहाँ स्थानीय लोग मिलकर अपने क्षेत्र की प्राथमिक ज़रूरतों की सूची बना रहे हैं — जैसे सड़कें, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल, रोजगार केंद्र आदि। इन सुझावों को जिलास्तरीय योजना में जोड़ा जा रहा है।
अभियान के प्रति युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में वर्कशॉप, क्विज़, और डेवलपमेंट आइडिया प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही हैं। इसमें कई छात्रों ने डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन यूपी जैसे विषयों पर ठोस सुझाव दिए हैं।
सरकार का कहना है कि यह अभियान केवल योजनाओं की सूची नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की “भविष्य की दिशा” तय करने वाला दस्तावेज़ बनेगा। प्रत्येक सुझाव को “विजन 2047 पोर्टल” पर पारदर्शी रूप से देखा और मूल्यांकित किया जाएगा।
विकसित उत्तर प्रदेश 2047 अभियान अब राज्य की एक सामूहिक यात्रा बन चुका है। इसमें सरकार, प्रशासन, किसान, युवा, महिलाएँ और उद्यमी — सभी शामिल हैं। यह दिखाता है कि विकास केवल सरकारी नीतियों से नहीं बल्कि समाज की सोच से संभव होता है।
इस अभियान से यह भी साफ झलकता है कि उत्तर प्रदेश अब अपने पारंपरिक मॉडल से आगे बढ़कर नवाचार, तकनीक और नीति-सुधार पर आधारित भविष्य की ओर अग्रसर है। यह न केवल राज्य की योजनाओं को दिशा देगा बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरक मॉडल बनेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि हर सुझाव उत्तर प्रदेश के सुनहरे भविष्य की एक ईंट है, और जब ये सभी ईंटें मिलेंगी, तब बनेगा “विकसित उत्तर प्रदेश 2047।”
Tags: Uttar Pradesh News, Viksit Uttar Pradesh 2047, Yogi Adityanath, UP Development Plan, Public Suggestions, Youth Participation, Rural Development, Vision 2047, Government Schemes, Digital Governance
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